Thursday, March 28, 2019

लहसुन

वजन घटाने से लेकर डायबिटीज तक, डाइट में लहसुन लेने के फायदे ही फायदे हैं। हाल में एक शोध के दौरान लहसुन के एक नए फायदे का पता चला है जिसके अनुसार हफ्ते में दो बार लहसुन के सेवन से फेफड़े के कैंसर का रिस्क आधा हो जाता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि हफ्ते में दो बार लहसुन के सेवन से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क 44 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इतना ही नहीं, उनका यह भी दावा है कि धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए भी लहसुन का सेवन फेफड़ों के कैंसर का रिस्क 30 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक रसायन फेफड़ों के कैंसर से बचाव में मददगार है। हालांकि शोधकर्ताओं ने फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए फिलहाल लहसुन के कच्चे जवों के सेवन को ही फायदेमंद माना है।

इससे पहले लहसुन पर हुए वि‌भिन्न शोधों में इसे पेट के कैंसर के लिए फायदेमंद बताया जा चुका है। साउथ आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी ने अपने शोध में लहसुन के सेवन से पेट के कैंसर से बचाव माना है।

इस शोध का विस्तृत विवरण कैंसर प्रिवेंशन रिसर्चर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का मानना है कि लहसुन के इस गुण को देखते हुए कैंसर से बचाव के उपचार में भी इसके इस्तेमाल पर अध्ययन जरूरी है।

लहसुन खाने से न केवल बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है ‌बल्कि इससे हृदय की गति भी सामान्य रहती है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छे कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं जिनसे बुरे कोलेस्ट्रॉल सरलता से ख़त्म हो जाते हैं।
हाइपरटेंशन और उच्च रक्तचाप के रोगियों को प्रतिदिन कम से कम लहसुन के दो जवे अवश्य खाएं। इसमें मौजूद एलिसिन नामक तत्व उच्च रक्तचाप को सामान्य करने में भी सहायक होते हैं।

लहसुन का सेवन उन लोगों के लिए भी लाभदायक होता है जिनका ख़ून गाढ़ा होता है। लहसुन ख़ून को पतला करता है और रक्त प्रवाह सुचारू करता है। लहसुन शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और कैंसर जैसे घातक रोग से लड़ने में शरीर की सहायता करता है।

चिकित्सिक पैनिक्रयाज, कोलोक्टोरल, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर में लहसुन के कच्चे जवे खाने की सलाह देते हैं। लहसुन के सेवन से शरीर में टी-सेल्स, फैगोसाइट्स, लिंफोसाइट्स आदि प्रतिरोधी तत्व बढ़ते हैं और शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रभाव शरीर को तुरंत नहीं होता। कुछ शोध से पता चला है कि ठंड के दिनों में लहसुन के सेवन से सर्दी नहीं लगती। ठंड के दिनों में गाजर, अदरक और लहसुन का जूस बनाकर पीने से शरीर को एंटीबायोटिक्स मिलते हैं और ठंड कम लगती है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लहसुन के सेवन से दांतों के दर्द में आराम मिलता है। लहसुन को लौंग के साथ पीसकर दांतों के दर्द वाले भाग पर लगाने से दर्द से तुरंत आराम मिलता है।

गर्भावस्था के दौरान लहसुन का नियमित सेवन मां और शिशु, दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। यह गर्भ के भीतर शिशु के भार को बढ़ाने में सहायक होता है।

गैस और कब्ज से राहत दिलाए: अगर आपके पेट में गैस बनती है या आप कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं तो लहसुन आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। इसे खाने में कुछ समय तक नियमित रूप से शामिल करें, तेजी से लाभ होगा।

जोड़ों में दर्द हो तो लहसुन को बारीक कर दूध में उबाल लें और पीने लायक हो जाने पर उसे पिएं। जोड़ों के दर्द के साथ-साथ कमर दर्द में भी इससे लाभ होता है।

सुनने की क्षमता बढ़ाए: सुनने की क्षमता बेहतर करने के लिए लहसुन को छील लें। उसके टुकड़े करके सरसों के तेल के साथ पका लें। जब तेल ठंडा हो जाए तो उसकी कुछ-कुछ बूंदें कान में डालते रहें। अगर कान में दर्द होगा तो उससे भी राहत मिलेगी और नियमित रूप से डालते रहते से सुनने की क्षमता भी बेहतर होगी।

हृदय के लिए फायदेमंद: हृदय रोगियों के लिए लहसुन बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में सहायक है। इसके सेवन से रक्त संचार में व्यवधान नहीं आता तथा रक्त की धमनियों में लचीलापन बना रहता है। भोजन के बाद कच्चे लहसुन का सेवन या इसे दूध में उबाल कर पीना इस रोग में बेहद लाभकारी है। दिल के मरीजों को लहसुन का नियमित सेवन जरूर करना चाहिए।

स्मरण शक्ति बेहतर बनाए: लहसुन के नियमित सेवन से स्मरण शक्ित बढम्ती है तथा दृष्टि में भी सुधार होता है।

जुकाम में फायदेमंद: जुकाम होने पर लहसुन के रस को रूई के फाहे में रख कर सूंघना चाहिए।

दांतों की तकलीफ है तो पायरिया, मसूढ़ों की सूजन, दांतों में सड़न तथा अन्य दंतविकार में लहसुन का रस शहद के साथ मलने से लाभ होता है।

वैसे तो आप लहसुन खाने में रोजाना ही थोड़ा बहुत लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये आपको कितनी बीमारियों से बचाता है।

लहसुन में ये फायदे हैं।

1    दिल को रखता है दुरूस्त    अगर आप दिल की बीमारियों से परेशान हैं तो लहसुन आपको इनसे बड़ी ही आसानी से छुटकारा दिला सकता है। इसमें खून को पतला करने का गुण पाया जाता है। ये दिल के दौरों को पड़ने से रोकता है।

2    एक एंटीआॅक्सीडेंट    लहसुन में जो एलिसिन पाया जाता है वो निकोटीन के प्रभाव को कम करता है इसलिए स्मोकरस को लहसुन सुबह चबाने की राय दी जाती है।

3    एंटीबैक्टिरीयल    लहसुन एक अच्छा एंटीबैक्टीरियल है। अगर आपको कोई ऐास इंफेक्शन है जो बार- बार परेशान कर रहा है तो लहुन का प्रयोग फायदेबमद होता

4    खून का थक्का बनने से रोकता है    ये बात कई क्लीनिकल ट्राॅयल में सामने आ चुकी है कि अगर किसी का ब्लड प्रैसर बढ़ रहा है और उसने लहसुन से बना कोई भी सप्लीमेंट ले लिया तो उसका ब्लड प्रैसर 1-5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। ब्लड प्रैसर में इतनी कमी ही आपको दिल के दौरे से 30-40 प्रतिशत तक निजात दिला सकती है।

5    एंटीसेप्टिक    लहसुन का ये गुण तो लोग सदियों से बताते चले आये हैं। अगर कोई आदमी घायल है तो आप लहसुन की मात्रा उसके खाने में थोड़ी बढ़ा दीजिए और फिर उसका घाव बहुत जल्दी भरना शुरू हो जायेगा।

6    काॅलेस्ट्रोल को कम करता है    काॅलेस्ट्रोल की समस्या से परेशान लोगों के लिए लहसुन का नियमित सेवन अमृत साबित हो सकता है।

7   हाई ब्लड प्रेसर में उपयोगी उच्च रक्त चाप में लहसुन बहुत उपयोगी माना जाता है। लहसुन में पाया जाने वाला सल्फाइड हाई ब्लड प्रैसर को कम करने में काफी मदद करता हैै। ये सल्फाइड लहसुन को पकाने के दौरान भी नष्ट नहीं होते। इसलिए आप सब्जी और दाल में झोंक लगाते वक्त भी इसका प्रयोग कर सकते हैं क्योंकि इससे इसमें पाये जाने वाले सल्फाइड नष्ट नहीं होते।

8   मुंहासों से बचाता लहसुन  अक्सर युवाओं को मुहासे परेशान करते रहते हैं। ये शरीर में हार्मोनल चेंज, पेट की खराबी की वजह से हो सकते हैं। मुंहासों में लहसुन बहुत ही कारगर साबित होता है।

9   कफ में लहसुन लाभदायक  ठंड या बदलते मौसम में अक्सर किसी भी उम्र के लोगों को कफ और जुकाम जैसी परेशानी हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप लहसुन का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो आप ऐसी छोटी-छोटी समस्याओं से बड़ी ही आसानी से निजात पा सकते हैं।

10  कैंसर के खतरे को कम करता है   लहसुन में जर्मेनियम तत्व पाया जाता है जो एंटी कैंसर के रूप में काम करता है। कैंसर के इलाज में भी डाॅक्टरस लहसुन की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हैं।

प्रतिदिन लहसुन की एक कली के सेवन से शरीर को विटामिन ए, बी और सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्निशयम जैसे कई पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं।

अगर लहसुन की 2-3 की कलियों को पीसकर गर्म पानी के साथ लेते हैं तो ये ओवरवेट की समस्या से छूटकारा दिलायेगा।
बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन को पीसकर दूध में उबालकर पीलायें।

लहसुन की कलियों को तवे पर भूनकर बच्चों को खिलाने से सांस की तकलीफ दूर होती है। ये 3-4 कलियों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

अगर किसी विषैले कीड़े ने आप को काट लिया है तो लहसुन को पीसकर उसको लगा लें। याद रहे गर्मी में एक घंण्टे से ज्यादा समय तक इसे त्वचा पर नही लगायें।

इन्फलूएंजा में एक लहसुन का रस पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से फायदा होगा।

डायबिटीज के मरीजों को अगर लहसुन और त्रिफला का 20-25 ग्राम रस सुबह-सुबह प्रयोग करने से काफी हद तक राहत मिलती है।

लकवा में मांसपेशियों को पुनः सक्रिय करने में लहसुन के तेल की मालिश फायदेमंद होती है।

अगर आपको इसकी गंध अच्छी नहीं लगती तो आप दिन में गार्लिक की 1-1 गोली सुबह शाम ले सकते हैं।

गला बैठ रहा है तो गुनगुने पानी में लहसुन का रस मिलाकर गरारे करें, गला ठीक हो जायेगा।

कुछ सावधानियां  बेशक लहसुन कुदरती खूबियों से भरपूर है। लेकिन इसे उचित मात्रा में ही लेना चाहिए। लहसुन की तासीर काफी गर्म और खुश्क होती है कुछ लोगों को रास नही आती। इसलिए इसका इस्तेमाल संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए खासकर गर्मियों में।

अगर एक या दो लहसुन की लौंग का इस्तेमाल करने पर भी इसका कोई साइडइफेक्ट हो तो इसके लिए अपने डाक्टर से सलाह लें।

अगर आपको कोई बीमारी है तो लहसुन का प्रयोग डाॅक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

मौसम के हिसाब से लहसुन को खाने में बदलाव करें। जाड़ों में लहसुन अधिक मात्रा में खाया जा सकता है लेकिन गर्मी में इसकी मात्रा सीमित करें।

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